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केंद्र से हिमाचल को रिकॉर्ड फंडिंग, कटौती का दावा भ्रामक: अनुराग सिंह ठाकुर

➤ 2014–26 में केंद्रीय कर हिस्सेदारी और अनुदान में कई गुना बढ़ोतरी का दावा
➤ 16वें वित्त आयोग में हिमाचल का हिस्सा 0.830% से बढ़कर 0.914% बताया
➤ ब्याज दर कम करवाने के लिए मुख्यमंत्री को दिल्ली आकर संयुक्त पहल का निमंत्रण


 हिमाचल के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी में प्रेस वार्ता कर 2004–14 और 2014–26 के बीच केंद्र से हिमाचल को हुए वित्तीय हस्तांतरणों की तुलना प्रस्तुत की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अनुराग सिंह ठाकुर ने किया, साथ में अन्य सांसद भी मौजूद रहे।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को केंद्रीय करों और अनुदान-एड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी मिली है। उनके अनुसार, 2004–14 के दौरान केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी ₹12,639 करोड़ थी, जो 2014–26 में बढ़कर ₹76,799 करोड़ हो गई। इसी तरह अनुदान-एड ₹50,298 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹1.41 लाख करोड़ बताया गया।

उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल का शुद्ध संघीय करों में हिस्सा 0.830% से बढ़कर 0.914% हो गया है। अनुमान के मुताबिक 2026-27 में हिमाचल को मिलने वाली राशि ₹11,561.66 करोड़ से बढ़कर करीब ₹13,949 करोड़ हो सकती है, यानी लगभग ₹2,300 करोड़ से अधिक की वृद्धि

PMGSY के तहत भी फंडिंग में वृद्धि का हवाला दिया गया। 2004–14 में जारी राशि ₹1,549 करोड़ थी, जबकि 2014–26 में यह बढ़कर ₹6,895 करोड़ बताई गई।

अनुराग सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री को आमंत्रित करते हुए कहा कि यदि राज्य ने ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लिया है तो वित्त मंत्रालय के साथ संयुक्त बैठक कर ब्याज दर कम कराने के प्रयास में वे साथ चलने को तैयार हैं। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद की भावना बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि SASCI योजना के तहत हिमाचल को 50 वर्षीय ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में ₹8,309 करोड़ मिले। वहीं, स्थानीय निकायों के लिए 16वें वित्त आयोग में ग्रामीण निकायों को ₹3,744 करोड़ का प्रावधान बताया, जो 15वें वित्त आयोग से लगभग दोगुना है।

केंद्रीय संस्थानों और परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने AIIMS बिलासपुर, IIM सिरमौर, IIIT ऊना, केंद्रीय विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेजों, बल्क ड्रग पार्क ऊना और मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ जैसी परियोजनाओं को रोजगार और औद्योगिक विकास का आधार बताया।

रेल और हाईवे कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए बताया गया कि 2026-27 में रेलवे के लिए ₹2,911 करोड़ का प्रावधान है, 255 किमी नई रेल लाइन निर्माणाधीन है, और कई फ्लाईओवर/अंडरब्रिज पूरे किए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों में 2,600 किमी से अधिक विस्तार का दावा किया गया।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि डेवोल्यूशन में कटौती के दावे निराधार हैं और नए वित्त आयोग का फॉर्मूला सभी राज्यों पर समान रूप से लागू होता है।